Sunday, March 15, 2026

India Skills 2025–26: उत्तर भारत के 5 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 360 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाया कौशल

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India Skills 2025–26:आगरा में ‘इंडिया स्किल्स 2025–26’ नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता का भव्य समापन

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने विजेताओं को किया सम्मानित, युवाओं के कौशल की सराहना

योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को मिल रही नई दिशा

प्रतियोगिता के विजेता राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे प्रतिभाग, वर्ल्ड स्किल्स तक पहुंचेगा सफर

इंडिया स्किल्स प्रतियोगिताएँ युवाओं को वैश्विक मंच पर देती हैं अवसर — केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी

शिक्षा और कौशल विकास से सशक्त होगा विकसित भारत का संकल्प — उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय

योगी सरकार में युवाओं को मिल रहे व्यापक प्रशिक्षण अवसर — कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल

आगरा/लखनऊ 14 मार्च 2026

ताजनगरी आगरा के बीएसएनएल ग्राउंड में आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य समापन हुआ। चार दिनों तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तर भारत के 5 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 360 से अधिक प्रतिभागियों ने 41 विभिन्न स्किल ट्रेड्स में अपने कौशल, नवाचार और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

1 लाख से अधिक प्रतिभागी उत्तर प्रदेश से थे

इस अवसर पर संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि इंडिया स्किल्स जैसी प्रतियोगिताएँ युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री ही नहीं बल्कि कौशल और रोजगारपरक दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 3.5 लाख युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 1 लाख से अधिक प्रतिभागी उत्तर प्रदेश से थे।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करती हैं और भारत को ‘ग्लोबल स्किल कैपिटल’ बनाने के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे और चयनित प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

“वन डिस्ट्रिक्ट वन यूनिवर्सिटी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक इस कार्यक्रम में देखने को मिली। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिली है। “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन यूनिवर्सिटी” जैसी पहलें युवाओं को स्थानीय संसाधनों और कौशल से जोड़कर विकास को गति दे रही हैं।

कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 से अधिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित हुई है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत भी बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों जैसे सोलर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगरा केवल ताजमहल के लिए ही नहीं बल्कि अपनी समृद्ध कारीगरी और हस्तशिल्प परंपरा—जैसे जरी-जरदोजी और मार्बल शिल्प—के लिए भी प्रसिद्ध है और आज यह एक उभरते हुए स्किलिंग हब के रूप में भी पहचान बना रहा है।

प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न स्किल ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पदक प्रदान किए गए। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ देकर समारोह को उत्साहपूर्ण बना दिया।

उत्तर प्रदेश के विजेता प्रतिभागी (मेडल अनुसार)

गोल्ड मेडल:

कृष्ण गोपाल – हेयर ड्रेसिंग
भोला कुमार – वेल्डिंग

सिल्वर मेडल:
गंभीर सिंह – ब्यूटी एंड हेयर थेरेपी
सत्यनारायण – आईसीटी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर
साधना – ऑटो बॉडी रिपेयर

ब्रॉन्ज मेडल:
अलीम आशिम – हेयर ड्रेसिंग
शोभित पटेल – रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग
ताल्हा अंसारी – प्लंबिंग एंड हीटिंग
कल्पना यादव – इलेक्ट्रॉनिक्स।

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