Ayodhya: घटते गन्ना रकबे पर विराम लगाने के लिए केएम शुगर मिल मसौधा टिश्यू कल्चर गन्ना बीज तैयार करेगी। इसके लिए वह लैब तैयार करेगी। गन्ना निदेशालय से हरी झंडी मिलने के बाद गन्ना विभाग भी उत्साहित है। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव इसे बड़ी उपलब्ध गन्ना उत्पादकों के लिए बताते हैं।
यह गन्ने की फसल के ऊपरी तने (गेड़) बोलते हैं, उससे टिश्यू कल्चर का बीज तैयार कर उसे पौधे के रूप में रोपित करने के लिए पौधा तैयार होगा। किसान परंपरागत गन्ना बोआई के स्थान पर टिश्यू कल्चर लैब से उत्पादित गन्ना पौधों की रोपाई कर सकेंगे। पहले एक गन्ने के कई खंड कर परंपरागत रूप से बोआई होती थी। अब बड के प्रचलन के रूप में बुआई शुरू हुई है। बड गन्ने के जॉइंट वाले स्थान को बोलते हैं। टिश्यू कल्चर की रोपाई से उत्पादकता बढ़ने के साथ पौधे स्वस्थ व निरोग रहेंगे। किसान अपने गन्ना को चीनी मिल में आपूर्ति भी कर सकेगा।
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