Tuesday, March 10, 2026

WORLD SCIENCE DAY: नवाचार के लिये जरुरी है, समाज और विज्ञान के बीच मजबूत कड़ीः  

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World Science Day: November2025: आज दिनांक 10 नवम्बर दिन सोमवार को संपूर्ण विश्व शांति और विकास के लिये मनाया जाने वाला दिवस अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रुप में माना रहा है। इस दिवस का मनाने का मुख्य कारण विज्ञान के क्षेत्रों में होने वाले विकास और परिवर्तन से लोगों को अवगत कराना है। अगस्त 2023 में सयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2024- 2033 को सत्तत विकास के लिये विज्ञान के अंतराष्ट्रीय दशक के रुप में घोषित किया था। बढ़ती तकनीकों के दौर में 2030  बाद ज्ञान और नवाचार में प्रगति के विशेष आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु समाज और विज्ञान के बीच मजबूत कड़ी होना अतिआवश्यक है।

नवम्बर 2022 मे मनाया गया पहली बार विश्व विज्ञान दिवसः

विज्ञान की समाज से कड़ी जोड़नें में यूनेस्कों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूनेस्कों ने 2001 में शांति और विकास के लिये वैज्ञानिकों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया। जिससे उन्हें विज्ञान की प्रासंगिकता को बढ़ाने और  चर्चाओं में सम्मलित होने के लिये बेहतर अवसर प्राप्त हो सके। जिसके कारण वैश्विक खोजों में विकास की संभवनायें प्रगति की ओर अग्रसर हो सकी। शांति और विकास के लिये पहला विज्ञान दिवस 10 नवम्बर 2022 को यूनेस्कों के तत्वाधान में पहली बार संपूर्ण विश्व में मनाया गया था। इस दिन समस्त विभागों एवं महाविद्यालयों में विज्ञान के नये अविष्कारों तकनीकों से लोगों को परिचित कराया जाता है।

गैलीलियों गैलीली है, आधुनिक विज्ञान का जनकः

विज्ञान के क्षेत्रों की यदि बात की जाय तो इसके क्षेत्र असीमित है। कई वैज्ञानिकों ने समय-समय पर ब्रह्मांड में हो रही घटनाओं पर अपने विचारों को प्रस्तुत करते हुये विज्ञान के नये के अविष्कारों को जन्म दिया और लोगों को अनेक भौतिक सुख साधनों समेत प्राकृतिक संसाधनों से अवगत कराया। डार्विन ने अपने सिद्धतों में ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना के बारे में बताया कि जब ब्रह्मा सृष्टि की रचना कर रहे थे तो अंत में उन्होंने घोड़े को बनाया था। अरस्तु प्राचीन विज्ञान के जनक के रुप में जाने जाते है। जबकि दुर्बीन और अन्य उपकरणों द्वारा खगोलीय पिण्डों का अध्ययन और अवलोकन करने वाले गैलीलियों गैलीली को आधुनिक विज्ञान का जनक माना जाता है। आज के दौर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिये AI तकनीक के जनक जॉन मैकार्थी को जाना जाता है।

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Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

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