Monday, January 26, 2026

CM YOGI:भारत के ऋषि मुनियों की देन है, संरक्षित लिपिबद्ध परम्पराः

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CM YOGI: NOVEMBER 2025: व्यक्ति की सबसे अच्छी मार्गदर्शक और साथी पुस्तक होती है गुरु शिष्य परम्परा को लिपिबद्ध करके संरक्षित किया जाना भारत के ऋषि मुनियों की देन है। यह वक्तव्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्विद्यालय में 1 नवम्बर से 9 नवम्बर तक चलने वाले गोरखपुर पुस्तक महोत्सव उद्घाटन समारोह के अवसर पर दिया।

डबल इंजन की सरकार खड़ी कर रही है, पुस्तकालय श्रंखलाः

इन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने वर्तमान पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिये पुस्तकालयों की श्रंखला खड़ी कर रही है। उत्तर प्रदेश में 57600 से अधिक ग्राम पंचायते है जिनके सचिवालय के सभागार में एक पुस्तकालय होगा। इसके अलावा 156 हजार बेसिक शिक्षा से संबधित विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय में पुस्तकालय और डिजिटल पुस्तकालय भी होना जरुरी है। जिसमें अच्छी पुस्तकों का क्रय करके उन्हें गांव के बच्चों हेतु उपयोग करने की समुचित व्यवस्था की होनी चाहिये।

स्मार्ट फोन रील में समय बर्बाद करने से बेहतर है, पुस्तकों के साथ समय बीतानाः

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिनभर स्मार्ट फोन में रील देखने में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि विज्ञान, पर्यावरण और गौरवशाली भारत के अतीत से जुड़ी गोरान्वित कर देने वाली पुस्तकों को पढ़ने में समय बीताना ज्यादा बेहतर है। यह पुस्तकें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के साथ जीवन को सुद्रढ़ आधार प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लिखी गई Exam Warriors पुस्तक के गुणों का बखान करते हुये कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कैसे सफलता प्राप्त करें इसकी प्रेरणा देने के साथ यह पुस्तक विपरीत परिस्थितियों से जूझने हेतु मानसिक संबल प्रदान करती है

प्रधानमंत्री जी द्वारा लिखी गयी Exam Warriors है, प्रेरणादायक पुस्तकः

इन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा सरल और सहज भाषा में लिखी गयी Exam Warriors पुस्तक को विद्यार्थी वर्ग के अतिरिक्त सभी लोग पढ़ कर अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिये प्रेरणा प्राप्त कर सकते है। लेखन के विषय में अपने विचार प्रकट करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि लेखन सकरात्मकता का प्रतीक है. सकरात्मक लेखन से उसकी ऊर्जा का लाभ संपूर्ण समाज को मिलता है। जब हम पुरातन और आधुनिकता का समावेश करेगें तभी हम और हमारी आने वाली पीढ़ियों का विकास संम्भव होगा। इसलिये स्वंय को पठन पाठन पुस्तकीय व्यवस्था से कभी दूर न करें।

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Preeti Rathore
Preeti Rathore
मैंने सी.एस.जे.एम. वि.वि. से MJMC, LLb, B.Ed, M.Sc (Zoology), M.A (Hindi, Economics, Political Science), "O" Level, CCC Computer Course एंव राजर्षि टण्डन वि.वि.से PGDMM की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान प्रेस, K.TV, में ट्रेनी पत्रकार एंव डिग्री कॉलेज और एनजीओ मे पत्रकारिता शिक्षक के रुप में कार्य किया है।

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